सहारा न्यूज टुडे
कानपुर नगर। विनोबा नगर (शिवपुरी) क्षेत्र में निजी भूखंड पर अवैध कब्जे और उस पर चर्च निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित व्यापारी रामसरन गुप्ता ने सोमवार को जर्नलिस्ट क्लब में प्रेस वार्ता कर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच, भूमाफियाओं पर कार्रवाई तथा पुलिस की भूमिका की समीक्षा की मांग की है।
570 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप
पीड़ित रामसरन गुप्ता के अनुसार, उनकी स्वर्गीय माता राम-जानकी ने वर्ष 1966 में तत्कालीन ग्राम सफीपुर, वर्तमान विनोबा नगर, में आराजी संख्या 280 में 570 वर्ग गज का भूखंड विधि सम्मत तरीके से खरीदा था। माता-पिता के निधन के बाद यह संपत्ति कानूनी रूप से उनके हिस्से में आई। गुप्ता के अनुसार, प्लॉट पर बाउंड्री, गेट और पक्का निर्माण भी मौजूद था।
धार्मिक कार्यक्रम के बहाने कब्जा जमाने का आरोप
व्यापारी का आरोप है कि कुछ वर्ष पूर्व संतोष कुमार शिवपुरी, जूनलाल, डेविड लाल, नंदन पाण्डेय और जॉन लाल सहित स्थानीय ईसाई समुदाय के लोगों ने एक धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर उनके भूखंड पर अस्थायी टेंट लगाया।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कब्जा हटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन आरोपियों ने वादा निभाने के बजाय धीरे-धीरे स्थायी निर्माण शुरू कर दिया।
धमकी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप
रामसरन गुप्ता का कहना है कि जब उन्होंने निर्माण रोकने का विरोध किया, तो संतोष कुमार शिवपुरी, उनके पुत्र साइमन शिवपुरी और डेविड लाल ने जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि दबंगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज कराने की भी कोशिश की और अंततः प्लॉट पर कब्जा कर “न्यू लाइफ फ्रेंडशिप (फेलोशिप) सोसाइटी चर्च” नामक बड़ा भवन खड़ा कर दिया।
विदेशी फंडिंग की आशंका, आर्थिक जांच की मांग
गुप्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों की पूर्व आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन हाल के वर्षों में उनके पास कारों और संपत्तियों का कथित रूप से तेजी से बढ़ना कई सवाल खड़े करता है। इसी आधार पर उन्होंने इस पूरे प्रकरण में विदेशी फंडिंग और आर्थिक गतिविधियों की विस्तृत जांच की मांग की है।
धर्म परिवर्तन के प्रयासों का आरोप
व्यापारी का कहना है कि अवैध निर्माण वाले इस चर्च में प्रतिदिन तथा रविवार को विशेष सभाएँ होती हैं, जिनमें ‘चंगाई’ के नाम पर भोले-भाले और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्रभावित किया जाता है। आरोप है कि चमत्कार के झूठे दावों और प्रलोभनों के माध्यम से धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस पर उदासीनता का आरोप, उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने कई बार थाना-पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में उचित कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि इस मामले से संबंधित प्रार्थना-पत्र मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पीड़ित परिवार ने मांग की अवैध कब्जे और निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कर कार्यवाही की जाए।
पीड़ित व्यापारी रामसरन गुप्ता ने मीडिया के सामने कहा कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद सिर्फ उच्चाधिकारियों से है और वे अपनी पैतृक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।



